कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 41 of 229

चंद्र कहूँ, तौ बनत ना, होत दिवस दुति छीन। कमल बदन उपमा दिएं, निसि बिकास ते हीन॥ - ब्रज के दोहे अगर मैं चांद को बुलाऊं तो कुछ नहीं होता, दिन खो जाता है। कमल बदन उपमा दीन, निसि विकास ते हिन.. - ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की