कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 42 of 229
चरन गहौ विनती करौ, आगें दोउ कर जोरि।
अति भोरी है लाड़िली, लेहु लाल मन ढोरि॥
- ब्रज के दोहे
कृपया मेरे चरणों में प्रार्थना करें, पुनः प्रार्थना करें। वह बड़ी वीर है, उसका खून लाल है, उसका हृदय गंदा है.. -ब्रज के दोहे