कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 54 of 229

एक वेर राधा रमण, कहै प्रेम से जोय। पातक कोटिक जन्म के, भस्म तुरत ही होय॥ - ब्रज के दोहे दूल्हे राधा रमण आनंद प्यार से कहते हैं. कुछ जन्मों के बाद, तुरंत जलकर राख हो जाएगा.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की