कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 55 of 229

एकै प्रेमी एक रस, श्रीराधावल्लभ आहि। भूलि कहै जो और ठाँ, झूठौ जानौ ताहि॥ - ब्रज के दोहे एक प्रेमी एक रस श्रीराधावल्लभ अहि। जो कहोगे भूल है, झूठ लगेगा.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की