कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 68 of 229
जा ब्रज रजके परस ते, मुक्ति मिलत हैं चार।
सो रज ब्रजबाला बधु, डारत डगर बुहार॥
- ब्रज के दोहे
तुम ब्रज में जाकर पारस को प्राप्त करो, तुम्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी। सो राज ब्रजबाला बहुरि, वर्षा से डरो.. - braj ke dohe