कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 7 of 229

अनियारे दीरघ नयन, किती न तरुनि समान। वह चितवनि औरें कुछ, जिहि बस होत सुजान॥ - ब्रज के दोहे अन्ये लंबी आंखें, किति एन तरुणी समन। वाह वाह चेतावनी और भी बहुत कुछ, जहां है सिर्फ सूजन.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की