कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 79 of 229
जनम सुन्यौं श्रीकुमरि कौं, भिक्षुक आये धाय।
देश देश तें गुन अप अपने, आये भेंट बनाय॥
- ब्रज के दोहे
भिखारी की धाय श्री कुमारी के जन्म के बारे में किसने सुना? एक-एक देश के दस-दस गुण मुझे तुम्हारी देन हैं.. -ब्रज के दोहे