कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 88 of 229
जिनके रग रग में बसैं, श्री राधे और श्याम्।
ऐसे बृजबासीन कूँ, शत शत नमन प्रणाम्॥
- ब्रज के दोहे
जिनका हृदय प्रेम से भर गया है, श्री राधे और श्याम। बृजबासिम कून की तरह, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूं... -ब्रज के दोहे