कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 89 of 229
जित जित भामिनि पग धरै, तित तित धावत लाल।
करत पलक पट पाँवरि, रूप विमोहित बाल॥
- ब्रज के दोहे
जित जित भामिनी आगे बढ़े, तित तित धावत लाल। करत पलक पट पनवारी, रूप विमोहित बाल..-ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 89 of 229