कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 90 of 229

जितनी वह दूर रहें हम सों, उतनी हम उनकी चाह करें। सुख अद्भुत प्रेम की पीड़ में है, हम आह करें वो वाह करें॥ - ब्रज के दोहे जितना वह हमसे दूर रहती है बेटा, उतना ही हम उससे प्यार करते हैं। सुख अद्भुत प्रेम की पीड़ा है, हम आह करते हैं और वे वाह... -ब्रज के दोहे
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