आज इन दोउन पै बलिहारी
Braj Vihara — श्री नारायण स्वामी
Verse 1 of 40
(राग जयजयवन्ती)
आज इन दोउन पै बलिहारी।
नंदलाल रतिपति विशाल छबि, चंद्रवदन वृषभानुदुलारी॥
बैठे कुंजभवन बतरावत, उपजावत सुख प्रीतम प्यारी।
नारायण उपमा कहा दीजै, मैं अपने मन बहुत बिचारी॥
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, नवदुलहीन लीला (17)
(राग जयजयवंती) आज इन दून पै बलिहारी। नंदलाल रतिपति विशाल छवि, चंद्रवदन वृषभानुदुलारी।।बाथे कुंजभवन बत्रावत, उपजवत सुख प्रीतम प्यारी। नारायण उपमा, मैं दिल से बहुत गरीब हूं.. - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, नवदुलहिन लीला (17)