रसिया को नारि बनावौ री
Braj Vihara — श्री नारायण स्वामी
Verse 28 of 40
(राग सारंग रसिया)
रसिया को नारि बनावौ री।
कटि लहँगा उर माहिं कंचुकी, चुँदरी सीस उढ़ावौ री॥ [1]
गाल गुलाल दृगन बिच काजर, बेंदी भाल लगावौ री।
नारायण कर तारी बजाय के, निकट यशोमति नचावौ री॥ [2]
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, होरी लीला (10)
(राग सारंग रसिया) रसिया को स्त्री बना दिया। कटि लहंगा उर माहि किंचुकी, चूंदरि सीस उधवौ री.. [1] गल गुलाल द्रिगन बिच काजर, बेंदी भल लगावौ री। नारायण कर तारि बजय के, नियर यशोमति नचावौ री.. [2] - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, होरी लीला (10)