प्यारी नित ऐसे ही तुमें निहारूंहै

Braj Vihara — श्री नारायण स्वामी

Verse 8 of 40

बिघन हरन मंगल करन, चरन जुगल सरकार। नारायण निज जनन के, जीवन प्राण अधार॥ - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, मान लीला दोहावाली (116) बिघन हरण मंगल करन, चरण जुगल सरकार। जन्में नारायण, अधर में जीवन.. - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, मन लीला दोहावली (116)
प्यारी नित ऐसे ही तुमें निहारूंहैप्यारी नित ऐसे ही तुमें निहारूंहै