नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्द

Braj Vilasa — श्री ब्रजवासीदास

Verse 10 of 21

महिमा अमित अपार, श्री वृंदावन धाम की। जहँ नित रहत विहार, परब्रह्म भगवान हरि॥ - श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास श्री वृन्दावन धाम की महिमा अपरंपार है। जह नित रहत विहार, परब्रह्म भगवान हरि.. - श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्दनवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्द