नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्द

Braj Vilasa — श्री ब्रजवासीदास

Verse 13 of 21

फिरत चरावत गाय, श्री वृंदावन जे चरण। भक्तन के सुखदाय, ब्रजवासी जन दुःख हरण॥ - श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास मैं अपने चरणों में, श्री वृन्दावन के चरणों में वापस जाऊँगा। भक्तों की ख़ुशी, ब्रजवासियों के दुःख दूर.. - श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्दफूलन की चन्द्रकला सीस