फूलन की चन्द्रकला सीस
Braj Vilasa — श्री ब्रजवासीदास
Verse 14 of 21
(राग ध्रुपद कान्हड़ा व सिन्दूरा)
फूलन की चन्द्रकला सीस फूल फूलन कौ,
फूलन के झूमका है श्रवण सुकुमारी के। [1]
फूलन की बंदनी विशाल नथ फूलन की,
फूलन कौ बैंदा भाल राजत दुलारी के॥ [2]
फूलन की चम्पा कली हार गल फूलन के,
फूलन के गजरा है ललित नव प्यारी के। [3]
फूलन से पग में है पायल नारायण जू,
फूले भाग सदा लाल लाड़ली हमारी के॥ [4]
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विलास, वसन्त लीला (14)
(राग ध्रुपद कान्हड़ा वे सिन्दूरा) फूलन की चन्द्रकला सीस फूलन फूलन कौ, फूलन की बालियाँ श्रवण सुकुमारी। [1] फूलन की बंदनी विशाल नाथ फूलन की है, फूलन की बंद भाल रजत दुलारी की है... [2] फूलन की चंपा कली हर लड़की फूलन की है, फूलन की गजरा ललित नव प्यारी है। [3] पायल नारायण जू फूलन के नक्शेकदम पर चल रही हैं, हमें हमेशा फूलन के हिस्से पसंद हैं.. [4] - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विलास, वसंत लीला (14)