नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्द
Braj Vilasa — श्री ब्रजवासीदास
Verse 15 of 21
प्रेम भरे छविसों भरे, भरे अनन्द हुलास।
युगल माधुरी रस भरे, ब्रजमें करत विलास॥
- श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
प्यार भरे सपनों से भरा, खुशियों से भरा। युगल मधुरी रस भारी,ब्रजमान करे विलास।।-श्री ब्रजवासीदास,ब्रज विलास।।