नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्द
Braj Vilasa — श्री ब्रजवासीदास
Verse 17 of 21
शोभा बृन्दाविपिन की, बरणी सकै अस कौन।
शेष महेश गणेश बिधि, पार न पावत तौन॥
- श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
बृंदाविपिन की सुंदरी कौन है? शेष महेश गणेश विधि, पर पावती नहीं.. - श्रीब्रजवासीदास,ब्रजविलास