देत सदा यमुना सुख राशि कों

Chhutak Pada —

Verse 18 of 35

(सवैया) देत सदा यमुना सुख राशि कों नाम लियें यमुना श्रम ना। यमुना हरि धाम कौ प्रापक कोविद शुद्ध सरूप जहाँ तम ना॥ [1] यमुना हित रस में हित दास दामोदर वारि विलोकि रहै भ्रम ना। भनिये यमुना यमुना यमुना यमुना यमुना यमुना यमुना॥ [2] - श्री हित दामोदर दास, फुटकर वाणी (12) (सवैया)यमुना सदैव सुख देती है। हम यमुना और श्रम को किस नाम से पुकारें? जहाँ तुम नहीं, वहाँ यमुना हरि धाम, शुद्ध रूप हो जाता है कोविड.. [1] यमुना हित मानव हित, हित दास दामोदर की माया। भाणिया यमुना यमुना यमुना यमुना यमुना यमुना.. [2] - श्री हित दामोदर दास, रुतकर वाणी (12)
अब तो कहिबे की न रहीपायो बड़े भाग्यन सों आसरो किशोरी जू कौ