नित्त सरद नित्त तीज है
Chhutak Pada —
Verse 22 of 35
एक राधा ब्रज में बसै, एक राधा रास विलास।
तीजी राधा कुंज में, दुलरावे हरिदास॥
- श्री ललितकिशोरी देव, श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (714)
एक राधा ब्रज में बसती है, एक राधा रमण करती है। राधा कुंज में तीजी, दुलारवे हरिदास.. - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, विशेष पोस्ट एवन सखी (714)