नित्त सरद नित्त तीज है
Chhutak Pada —
Verse 25 of 35
जो कछू कियौ सो लाड़िली, लाड़िली करै सो होइ।
लाड़िली करै सो होइगौ, निर्भै ह्वै करि सोइ॥
- श्री ललितकिशोरी देव, श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (106)
तुम कुछ भी कहो, वह लड़ती है, तुम लड़ोगे, तो वह लड़ेगी। लड़ोगे तो ठीक हो जाओगे, निर्भय होकर क्यों सोओगे.. - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, विशेष पोस्ट एवन सखी (106)