देखो देखो ब्रजकी बीथिनि बीथिनि खेलत हैं हरि होरी

Gadadhar Bhatt Vani — श्री गदाधर भट्ट

Verse 2 of 10

अंग संग सो प्रेम बरखत, सकल सुख की मूरि। राधेज़ू के चरण की रज, गदाधर सिर भूरि॥ - श्री गदाधर भट्ट, श्री गदाधर भट्ट जी की वाणी अपने शरीर को अक्षुण्ण रखकर सोएं और प्यार, संपूर्ण खुशी का आशीर्वाद पाएं। राधेजा चरण गदाधर श्री भूरी का रहस्य.. - श्री गदाधर भट्ट, आवाज श्री गदाधर भट्ट जी की
देखो देखो ब्रजकी बीथिनि बीथिनि खेलत हैं हरि होरीदेखो देखो ब्रजकी बीथिनि बीथिनि खेलत हैं हरि होरी