रँगीली जोरी की बलि जाँव
Ghanananda Granthavali — श्री घनानंद
Verse 11 of 48
जमुना कूल सुहावनो, ललित बलित तरु-बेलि।
सूचत राधारमन की, महा मधुर रसकेलि॥
- श्री आनंदघन, घनानंद ग्रंथावली, ब्रजविलास (8)
जमुना का परिवार सुखदायी है, वृक्ष सुन्दर और सुदृढ़ हैं। सुचत् राधारमण की, महा मधुर रस्केली.. - श्री आनंदघन, घनानंद ग्रंथावली, ब्रजविलास (8)