रँगीली जोरी की बलि जाँव
Ghanananda Granthavali — श्री घनानंद
Verse 14 of 48
कहिबो सुनिबो समझिबो, राधा ही को होय।
राधा के हित की कथा, भूलि सुमरिहै सोय॥
- श्री आनन्दघन जी, घनानंद ग्रंथावली, प्रिया प्रसाद (66)
तुम जो भी कहो, सुनो या समझो, वह केवल राधा ही कर सकती है। राधा के हित की कथा, भूलि सुमरिहै सोय.. - श्री आनंदघन जी, घनानंद ग्रंथावली, प्रिया प्रसाद (66)