रँगीली जोरी की बलि जाँव

Ghanananda Granthavali — श्री घनानंद

Verse 27 of 48

राधा मेरे प्राण है, राधा प्राण गोपाल। सास कंठ धारे रहौं, राधा मोहन माल॥ - श्री आनन्दघन जी, घनानंद ग्रंथावली, प्रिया प्रसाद (71) राधा मेरी जान है, राधा मेरी जान है गोपाल। अपनी आवाज मजबूत रखो राधा मोहन मल.. - श्री आनंदघन जी, घनानंद ग्रंथावली, प्रिया प्रसाद (71)
राधा माधौ बिहरै बन मैंरँगीली जोरी की बलि जाँव