रँगीली जोरी की बलि जाँव
Ghanananda Granthavali — श्री घनानंद
Verse 32 of 48
राधा रसिक सँजीवनी, राधा जीवन लाल।
राधा मोहन मै सबै, ब्रज बन बेलि तमाल॥
- श्री आनन्दघन जी, घनानंद ग्रंथावली, प्रियाप्रसाद (78)
राधा रसिक संजीवनी, राधा जीवन लाल। राधा मोहन माई सबै, ब्रज बन बेली तमाल.. - श्री आनंदघन जी, घनानंद ग्रंथावली, प्रियप्रसाद (78)