श्रीवृन्दावन रज परस
Git Govind Braj Bhasha — श्री रामराय
Verse 2 of 5
श्रीवृन्दावन रज परस, सरस हरस सुखमूल।
श्रीवृन्दावन वास करि, श्रीयमुना के कूल॥
- श्री रामराय, गीत गोविंद ब्रज भाषा, दोहा (78)
श्री वृन्दावन राज पारस, सरस हरस सुखमूल। श्री यमुना के कुल में बसते हैं श्री वृन्दावन.. - श्री राम राय, गीत गोविंद ब्रज भाषा, दोहा (78)