श्याम ही सुन्दर श्याम ही अलकें

Govind Svami Vani — श्री गोविन्द स्वामी

Verse 25 of 26

(राग टोड़ी) श्याम ही सुन्दर श्याम ही अलकें श्याम बनी बेनी अति भारी। श्याम ही भौंह सोहनी बाँकी श्याम ही नेनन अन्जन सारी॥1॥ श्याम कपोलन श्याम डिठौना श्याम ही ओढ़े कामरि कारी। श्याम दृगन के श्याम हैं तारे श्याम सुंदर गोविन्द गिरधारी॥ 2॥ - श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी (विच्छेदन) श्याम सुन्दर है, श्याम हल्का है, श्याम अति भारी है। श्याम ही भन सोहनी बांकी श्याम ही नेना अंजन सारी।।1।।श्याम कपोलन श्याम डिठोना श्याम ही ओढ़ाए कामरी। श्याम सुंदर गोविंद गिरधारी श्याम दृगन के श्याम तारे हैं.. 2.. - श्री गोविंद स्वामी के वचन, श्री गोविंद स्वामी जी
सखी री पोढ़े राधा रवनविधाता बिधहूँ न जानी