श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी

Govind Svami Vani

श्री गोविन्द स्वामी · 26 verses · Braj

  1. 1. आजु बनी अति सारंग नैनी
  2. 2. आजु बनी री कुञ्जेश्वरी रानी
  3. 3. आवत जात हौं हार परी
  4. 4. आजु बनी अति सारंग नैनी
  5. 5. आजु बनी री कुञ्जेश्वरी रानी
  6. 6. बाँके आसन बाँके सिंघासन
  7. 7. हमें बृजराज लाड़िले सों काज
  8. 8. हमें बृजराज लाड़िले सों काज
  9. 9. आजु बनी अति सारंग नैनी
  10. 10. कुँवर चलो जू आगे
  11. 11. कुँवर चलो जू आगे
  12. 12. कुँवर चलो जू आगे
  13. 13. हमें बृजराज लाड़िले सों काज
  14. 14. काले ही मोहन, काले ही सोहन
  15. 15. कृपा अवलोकन दान दैरी
  16. 16. कुँवर चलो जू आगे
  17. 17. आजु बनी री कुञ्जेश्वरी रानी
  18. 18. काले ही मोहन, काले ही सोहन
  19. 19. आजु बनी अति सारंग नैनी
  20. 20. मुख सों मुख मिलाय देखत आरसी
  21. 21. काले ही मोहन, काले ही सोहन
  22. 22. प्रीतम प्रीत ही ते पैये
  23. 23. राजत दंपति कुंजमहल में
  24. 24. सखी री पोढ़े राधा रवन
  25. 25. श्याम ही सुन्दर श्याम ही अलकें
  26. 26. विधाता बिधहूँ न जानी