आजु बनी अति सारंग नैनी
Govind Svami Vani — श्री गोविन्द स्वामी
Verse 4 of 26
अति सुख पायौ सुन्दरी, वृन्दाविपिन विलास।
गोविन्द - प्रभु स्यामहि मिलि, पूजी मन की आस॥
- श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी
अति मनभावन सुन्दर वृन्दाविपिन विलास। गोविंद - प्रभु संयमी मिलि, भजो मन की आशा.. - श्री गोविंद स्वामी, श्री गोविंद स्वामी जी के वचन