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Govindsharan Devachary Vani — श्री गोविन्दशरण देवाचार्य
Verse 2 of 5
बनी है नीकी राधा माधव जोरी।
गौर स्याम तन नील पीट पट वारौं रति मदन करोरी॥ [1]
निरखि निरखि छबि जीजै री सजनी इनकी पटतर कोरी।
गोबिंदसरन सोभा संपति लखि कहा बरनौं मति थोरी॥ [2]
- श्री गोविन्दशरण देवाचार्य जी, श्री गोविन्दशरण देवाचार्य जी की वाणी (75)
निक्की राधा माधव जोरी बन गई हैं. गौर स्यामा तन निल पट पट वरौं रति मदन करोरी.. [1] निरखि निरखि छबि जिजै री सजनी इनकी पातर कोरी। गोबिंदशरण सोभा स्नैपति लखि कह बरनौं मति थोरी.. [2] - श्री गोविंदशरण देवचारी जी, श्री गोविंदशरण देवचारी जी की वाणी (75)