रसना कटौ जो अन रटौ
Hit Sfut Vani — श्री हित हरिवंश महाप्रभु
Verse 22 of 26
रसना कटौ जो अन रटौ, निरखि अन फुटौ नैन।
श्रवण फुटौ जो अन सुनो, बिनु राधा जसु बैन॥
- श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित स्फुट वाणी (24.4)
रसना कटौ जो अन रटौ, निरखि अन फूटौ नैन। श्रवण फूटौ जो उन सुनो, बिनु राधा जसु बन... - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित स्फुट वाणी (24.4)