रसना कटौ जो अन रटौ

Hit Sfut Vani — श्री हित हरिवंश महाप्रभु

Verse 21 of 26

रसना कटौ जो अन रटौ, निरखि अन फुटौ नैन। श्रवण फुटौ जो अन सुनो, बिनु राधा जसु बैन॥ - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, स्फुट वाणी (24) रसना कटौ जो अन रटौ, निरखि अन फूटौ नैन। श्रवण फूटौ सुनो बिनु राधा जसु.. - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, स्फुट वाणी (24)
दोऊ जन भीजत अटके बातनरसना कटौ जो अन रटौ