मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग

Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि

Verse 15 of 31

नैनन नासिका राधिका, राधा मन वच आहि। बिछुरत नाहीं राधिका, मोको परयो सुभाइ॥ - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (30) नैनन नासिका राधिका, राधा मन वाच अहि। मत जुदा हो जाओ राधिका, करो सबसे प्रार्थना.. - श्री वंशी अली, हृदय सर्वस्व (30)
मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँगमोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग