मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग
Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि
Verse 21 of 31
राधा ही के भजन से, पाऊँ राधा बाल।
हँसि हँसि मो तन देखि हैं, करि हैं मोहि निहाल॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (32)
राधा के ही भजन के साथ, पौं राधा बल। हांसी हांसी मो तन देखी है, करी है मोहि निहाल.. - श्री वंशी अली, हृदय सर्वस्व (32)