मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग

Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि

Verse 26 of 31

सेव्य सदा श्रीराधिका, सेवक नन्द कुमार। दूजे सेवक सहचरी, सेवा विपुल विहार॥ - श्री वंशी अलि, ह्रदय सर्वस्व (5) सदा दासी श्री राधिका, सेवक नन्द कुमार। दूजे सेवक सहचारी, सेवा विपुल विहार.. - श्री वंशी अली, हृदय सर्वस्व (5)
मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँगमोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग