द्वै लर मोतिन की एक पुंजा पोति कौ सादा
Kelimal — स्वामी श्री हरिदास
Verse 2 of 69
(राग कान्हरौ)
ऐसैंई देखत रहौं जनम सुफल करि मानौं। [1]
प्यारे की भाँवती भाँवती के प्यारे जुगल किशोर जानौं॥ [2]
छिनु न टरौ पल होहु न इत उत रहौ एक तानौं। [3]
श्रीहरिदास के स्वामी स्यामा कुंजबिहारी मन रानौं॥ [4]
- श्री स्वामी हरिदास जी, केलीमाल (3)
(राग कान्हरौ) अइसैनी देखते रहो, जन्म तुम्हारा सफल हो। [1]. [3] श्री हरिदास के स्वामी श्यामा कुंजबिहारी मन राणौं.. [4] - श्री स्वामी हरिदास जी, केलीमल (3)