हिंडोरे झूलत री सुरंग चूनरी पहिरें
Kelimal — स्वामी श्री हरिदास
Verse 49 of 69
(राग मलार)
हिंडोरेंब झूलत लाल दिन दूलहु
दुलहिनि बिहारिनि देखौ री ललना।
गौर स्याम छबि अति दुति बहु भाँति री बलना॥ [1]
नीलांबर पीतांबर अंचल चलत धुजा फरहराति कलना।
श्रीहरिदास के स्वामी स्यामा कुंजबिहारी बिहारिनि अविचलना॥ [2]
- ललिता अवतार श्री स्वामी हरिदास जी, केलीमाल (88)
(राग मलारा) हिंदोरेम्ब झूलत लाल दीन दुल्हु दुल्लहिणी बिहारिणी देखौ री ललना। गौर स्याम छवि अति दुती वेरी भट्टी री बलाणा..[1] नीलानबर पीतानबर आंचल चलत धूजा फरहरति कलाना। श्री हरिदास के स्वामी श्यामा कुंजबिहारी बिहारिणी अविचलना.. [2] - ललिता अवतार श्री स्वामी हरिदास जी, केलीमल (88)