द्वै लर मोतिन की एक पुंजा पोति कौ सादा
Kelimal — स्वामी श्री हरिदास
Verse 5 of 69
(राग कान्हरौ)
आवत जात बजावत नूपुर।
मेरौ तेरौ न्याव दई के आगैं
जो कुछ करौ सो हमारे सिर ऊपर॥ [1]
निपट निकट मवास ह्वै रही प्यारी पैंड दूपर।
श्री हरिदास के स्वामी स्यामा कुंजबिहारी
बिलसत निहचल धूपर॥ [2]
- ललिता अवतार श्री स्वामी हरिदास जी, केलीमाल (8)
(राग कान्हरौ) आवत जात बजावत नूपुर। तुम जो भी करोगे वह मेरे सिर से ऊपर है.. [1] मई का महीना आ रहा है, यह एक प्यारा दर्दनाक दिन है। श्री हरिदास के स्वामी श्यामा कुंजबिहारी बिलासत निहाचल धूपर.. [2] - ललिता अवतार श्री स्वामी हरिदास जी, केलीमल (8)