अनुपम वृन्दावन की शोभा,

Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि

Verse 1 of 14

अनुपम वृन्दावन की शोभा, जाके देखन मात्र हृदय में, उठत प्रेम की गोभा॥ - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथवाली अनुपम वृन्दावन की शोभा, जाकर देखो माँ के हृदय में उमड़ती प्रेम की गाय... - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रन्थावली
हमैं इक लाड़िली सौं काम