हमैं इक लाड़िली सौं काम
Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि
Verse 2 of 14
हमारी राधे प्रीति-रीति पहिचानैं।
अली किशोरी प्रीति-रीति कौं, इन बिनु कोउ न जानैं॥
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
राधे के प्रति हमारा प्रेम और रीति-रिवाज अज्ञात हैं। अली किशोरी प्रीति-रीति कौन, बिनु कोउ न जानैन.. - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली