किशोरी अली ग्रंथावली
Kishori Ali Granthavali
श्री किशोरी अलि · 14 verses · Braj
- 1. अनुपम वृन्दावन की शोभा,
- 2. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 3. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 4. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 5. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 6. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 7. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 8. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 9. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 10. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 11. हमैं इक लाड़िली सौं काम
- 12. जो कोउ श्री राधा जस गावे।
- 13. श्री राधा पद किंकरी, भाव जासु हिय होये।
- 14. स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ