स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ
Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि
Verse 14 of 14
स्वामिनी कब यौं तुम्हे लड़ाऊँ,
सटकारे कारे केशनी में, सुरभित तेल लगाऊं॥
- श्री अली किशोरी, श्री किशोरी अली ग्रंथवाली
मालकिन, कब तुम्हें ऐसे लाड़ करूं, दुलार करूं, खुशबूदार तेल लगाऊं.. - श्री अली किशोरी, श्री किशोरी अली ग्रंथावली