हमैं इक लाड़िली सौं काम
Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि
Verse 4 of 14
हमारें माई राधेजू प्रान-अधार।
अली किशोरी गाइ प्रिया-गुन, लहत सदा खुख-सार।
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
हमारी माता राधेजू हमारे जीवन का आधार हैं। अली किशोरी गई प्रिया-गुन, लहत सदा खुखा-सर। - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली केवल और केवल श्री राधा रानी ही हमारे जीवन का आधार हैं। श्री किशोरी अली कहते हैं कि श्री प्रिया जू की स्तुति गाने से उन्हें हर दिन सभी सुखों और आनंद का सार मिलता है।