हमैं इक लाड़िली सौं काम

Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि

Verse 3 of 14

हमैं इक लाड़िली सौं काम। लाड़िली कौ ध्यान निशि-दिन, लाड़िली जप नाम॥ लाड़िली ही इष्ट हमरे, लाड़िली धन-धाम। लाड़िली ही नृपति हमरे, करत झुकी जु सलाम॥ लाड़िली ही प्राण हमरे, लाड़िली सुख-ठाँम। अलि किशोरी लाड़िली-नातें जु प्यारौ श्याम॥ - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली हमारे पास एक सौ कम हैं। लाडिली निशि-दीन का ध्यान करें, लाडिली नमः का जाप करें... लाडिली हमारी पसंदीदा है, लाडिली धन का निवास है। लाडिली हमारी नर्तकी है, करत झुकी जू सलाम.. लाडिली हमारी जान है, लाडिली सुखा-थानम. अली किशोरी लाडिली-नतेन जू प्यारौ श्याम.. - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
हमैं इक लाड़िली सौं कामहमैं इक लाड़िली सौं काम