हमैं इक लाड़िली सौं काम
Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि
Verse 9 of 14
हमारो धन इष्ट राधिका प्यारी।
ठाकुर-ठकुरानी सब ये ही, सर्वसु यही हमारी॥
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
हमारी प्रियतमा राधिका प्रिये। ठाकुर-ठकुरानी, ये सब, ये सब हमारे हैं.. - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली