हमैं इक लाड़िली सौं काम
Kishori Ali Granthavali — श्री किशोरी अलि
Verse 8 of 14
हमारी लाड़िली ही इष्ट।
नाम इनकौ जपत नित, कछु ह्वै न सकत अनिष्ट॥
अलि किशोरी बसत बन इन, सेइ लेत उच्छिष्ट।
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
हमारे प्यारे प्यारे. नाम इनकोऊ पट नित, कुछु ह्वै न सक्ता इनिष्ट.. अली किशोरी बसत बान इन, सेई लेत उच्छिष्ट। - श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली