कसूंबी सारी पहरें सोधें सनी
Madhury Shata — श्री वंशी अलि
Verse 2 of 13
दूलह श्री वृषभानकुमारी, दुलहिन श्यामल गात जू।
सेज सुदेस रुचिर बैंदी पर, निरखि निरखि मुसिकात जू॥
- श्री वंशी अलि, माधुर्य शत (111.4)
दूल्हा श्री वृषभनाकुमारी था, दुल्हन श्यामल गत जू थी। साधु सुदेश रुचिर बंदी पर, निरखि निरखि संगीत जू.. - श्री वंशी अली, माधुरी शत (111.4)