कसूंबी सारी पहरें सोधें सनी
Madhury Shata — श्री वंशी अलि
Verse 9 of 13
नैन बैन राधा गहे, रहे प्रीति के टारि।
राधा के सखि बदन लखि, रोम-रोम फुलवारि॥
- श्री वंशी अलि, माधुर्य शत (102.2)
राधा की आँखें बंद हैं, प्रेम के तारे बाकी हैं। राधा की सखी का शरीर धन्य है, रोमा-रोमा फुलवारी.. - श्री वंशी अली, माधुरी शत (102.2)