सुखकारी सबके सदा
Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य
Verse 14 of 65
सहज सनेही देहि द्वै, दीपति दिनहिं अपार।
नित्यबिहारी जय हूँ या, बिलसनि पर बलिहार॥
- श्री हरिव्यस देवाचार्य, महावाणी, सुरत सुख (27)
सहज सनेहि देहि द्वै, दीपति दीनहिं अपार। नित्य बिहारी जय हम हाँ, बिलासनी पर बलिहार.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सुरत सुख (27)